This is a collection of Original Creation by Nilesh Mishra
कोरोना त्रासदी:
1. सारे मतभेदों को भुला कर इस त्रासदी से लड़ने के लिए देश के प्रधानमंत्री द्वारा कही गई बातों को मानना चाहिए।
2. यद्यपि डेंगू मलेरिया ज्यादा खतरनाक रोग हैं, पर उनका इलाज मौजूद है और उनका संक्रमण रोगी से तब फैलता है जब रोगी में उसके लक्षण दिखने शुरू हो जाएं। Covid19 अलग रोग है, एक तो इसका कोई इलाज नही है अभी, सब कुछ आपके शरीर के Immune System पर निर्भर हैं कि वो इस वायरस से लड़ पाएगा या नही। दूसरा ये रोगी में लक्षण न दिखने पर भी रोगी से दूसरों में फैलता है और यही इसकी भयावहता का सबसे बड़ा कारण है।
3. इसके सिर्फ लक्षण सर्दी जुकाम वाले हैं, ये सर्दी जुकाम नही है। ये उससे ज्यादा खतरनाक है।
4. अभी अगर घर मे कुछ दिन रहकर सबको संक्रमण से बचाया जा सकता है, तो ये किया जाना हमारा कर्तव्य है।
5. माना देश मे 500 बेड हैं इस रोग से लड़ने के लिए, तो जब तक रोगियों की संख्या 500 के नीचे है, वो बच जाएंगे। लेकिन इसके बाद, किसी को बचाना मुश्किल होगा। इस रोग का Fatality Rate 3-5% तभी तक है जब तक रोगियों को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं मिल जा रही हैं। इसके अभाव में ये 40% तक बढ़ गया तो कोई बड़ी बात नही होगी खासकर हमारे देश की परिस्थितियों में।
6. "अबे हमे कुछ नही होगा" या "अबे जो होना है होकर रहेगा" इन सब फिजूल बातों में न पड़ें। इस रोग की भयावहता live देखनी हो तो ये लिंक follow कर सकते हैं:
https://www.bing.com/covid
7. याद रहे, जब तक सब सही है सही है, जब बिगड़ेगा तो कोई नहीं बचेगा। स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें, चिकित्सा निर्देशों का पालन करें।
2. यद्यपि डेंगू मलेरिया ज्यादा खतरनाक रोग हैं, पर उनका इलाज मौजूद है और उनका संक्रमण रोगी से तब फैलता है जब रोगी में उसके लक्षण दिखने शुरू हो जाएं। Covid19 अलग रोग है, एक तो इसका कोई इलाज नही है अभी, सब कुछ आपके शरीर के Immune System पर निर्भर हैं कि वो इस वायरस से लड़ पाएगा या नही। दूसरा ये रोगी में लक्षण न दिखने पर भी रोगी से दूसरों में फैलता है और यही इसकी भयावहता का सबसे बड़ा कारण है।
3. इसके सिर्फ लक्षण सर्दी जुकाम वाले हैं, ये सर्दी जुकाम नही है। ये उससे ज्यादा खतरनाक है।
4. अभी अगर घर मे कुछ दिन रहकर सबको संक्रमण से बचाया जा सकता है, तो ये किया जाना हमारा कर्तव्य है।
5. माना देश मे 500 बेड हैं इस रोग से लड़ने के लिए, तो जब तक रोगियों की संख्या 500 के नीचे है, वो बच जाएंगे। लेकिन इसके बाद, किसी को बचाना मुश्किल होगा। इस रोग का Fatality Rate 3-5% तभी तक है जब तक रोगियों को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं मिल जा रही हैं। इसके अभाव में ये 40% तक बढ़ गया तो कोई बड़ी बात नही होगी खासकर हमारे देश की परिस्थितियों में।
6. "अबे हमे कुछ नही होगा" या "अबे जो होना है होकर रहेगा" इन सब फिजूल बातों में न पड़ें। इस रोग की भयावहता live देखनी हो तो ये लिंक follow कर सकते हैं:
https://www.bing.com/covid
7. याद रहे, जब तक सब सही है सही है, जब बिगड़ेगा तो कोई नहीं बचेगा। स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें, चिकित्सा निर्देशों का पालन करें।
EmoticonEmoticon